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बचà¥â€à¤šà¥‡ जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, मां-बाप की जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ बढ़ती चली जाती हैं। बढ़ते बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ कोई बातें सिखानी पड़ती हैं जैसे à¤à¥‚ख लगने पर कैसे बताना है, सू-सू या पॉटी आने पर कैसे बताना है आदि।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग बहà¥à¤¤ जरूरी होती है और यहां हम आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ टिपà¥â€à¤¸ दे रहे हैं जिनकी मदद से आप आसानी से अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दे सकते हैं।
पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग कब देनी चाहिà¤
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पहला कदम है अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के तैयार होने के संकेतों को समà¤à¤¨à¤¾à¥¤ अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ इस चीज के लिठतैयार न हो तो आप टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के दौरान हताश हो सकते हैं। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की मानें तो 18 महीने से 3 साल की उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग देनी चाहिà¤à¥¤ वहीं, इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठबचà¥â€à¤šà¥‡ की औसत उमà¥à¤° 27 महीने है।
कब तैयार होता है बचà¥â€à¤šà¤¾
अगर आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ टॉयलेट सीट पर बैठरहा है और उसने चलना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है, वो खà¥à¤¦ से अपनी पैंट काे उतार और उसे वापस पहन पा रहा हो, लगà¤à¤— 2 घंटे तक वो सू-सू न करता हो, उसे आपके निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ समठआते हों, पॉटी आने पर वो आपको संकेतों या बोलकर बता सकता है तो इसका मतलब है कि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के लिठतैयार है।
लड़के देरी से सीखते हैं
à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि लड़कियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लड़के देरी से पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के लिठतैयार हो पाते हैं। मान लीजिठकि 22 महीने की उमà¥à¤° की लड़कियां रात को पॉटी नहीं जाती हैं तो यही आदत लड़कों में 25 महीने की उमà¥à¤° तक आती है।
इसी तरह लड़कियां अंडरवियर खà¥à¤¦ पहनना और उतारना औसत 29.5 महीने की उमà¥à¤° में सीख लेती हैं जबकि लड़कों में ये सà¥à¤•िल 33.5 महीने की उमà¥à¤° तक आता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार देना बहà¥à¤¤ जरूरी है। आहार में मौजूद कà¥à¤› पोषक ततà¥â€à¤µ जैसे कि विटामिन à¤, विटामिन सी, विटामिन ई, लà¥â€à¤¯à¥‚टिन, जिà¤à¤‚थिन और ओमेगा फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शरीर के साथ-साथ आंखों के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद होते हैं।
गाजर, चà¥à¤•ंदर, आम, पपीता, खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों, आंवला, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, बादाम, अखरोट, अंडे और मछली आदि में ये सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µ पाठजाते हैं।
पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥â€à¤¸
अगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग देना शà¥à¤°à¥‚ करना चाह रही हैं तो नीचे बताठगठसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥â€à¤¸ फॉलाे करें :
बचà¥â€à¤šà¥‡ को रोज à¤à¤• ही समय पर पॉटी करने की आदत डालें। हर à¤à¤• घंटे में 10 मिनट के लिठउसे टॉयलेट सीट पर बैठाà¤à¤‚। इस दौरान कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤•र या किसी खिलौने से उसका मन बहलाà¤à¤‚।
बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठयह सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, इसलिठअगर वो डायपर या कपड़े गंदे या गीले कर देता है तो उस पर गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¤¾ न करें।
बचà¥â€à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ आसानी से बोर हो जाते हैं इसलिठइस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को आपको उनके लिठदिलचसà¥â€à¤ª बनाना है। उसके लिठपॉटी सीट लेकर आठजो कंफरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² हो।
अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि पॉटी आने पर उसे किस तरह या कà¥â€à¤¯à¤¾ बोलकर बताना है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥â€à¤œ दूर करने के लिठउसके आहार में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर को शामिल करें और खूब पानी पिलाà¤à¤‚। कबà¥â€à¤œ होने से पॉटीटà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग में दिकà¥â€à¤•तें आ सकती हैं।
इस तरह आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को पॉटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के लिठतैयार कर सकते हैं। ये टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। इससे उसमें अचà¥â€à¤›à¥€ आदतें विकसित होंगी और दूसरों के आगे आपको शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दा नहीं होना पड़ेगा। सही समय पर टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग शà¥à¤°à¥‚ करने से आपको काफी मदद मिलेगी।
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